सेठ राजाराम लक्ष्मी नारायण कुक्कू बालिका इण्टर कॉलेज, महाराजपुर, कानपुर नगर

सेठ राजाराम लक्ष्मी नारायण कुक्कू बालिका इण्टर कॉलेज, महाराजपुर, कानपुर नगर

सेठ राजाराम लक्ष्मी नारायण कुक्कू बालिका इण्टर कॉलेज, महाराजपुर, कानपुर नगर

सेठ राजाराम लक्ष्मी नारायण कुक्कू बालिका इण्टर कॉलेज, महाराजपुर, कानपुर नगर

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विद्यालय का इतिहास

सेठ राजाराम लक्ष्मी नारायण कुक्कू बालिका इण्टर कॉलेज

न हि कश्चित्क्षणमपि जातु तिष्ठत्य कर्मकृत् |
कार्यते ह्यवश: कर्म सर्व: प्रकृति जैर्गुणै: ||

गीता में भगवान श्री कृष्ण ने इस श्लोक के माध्यम से यह बताया है कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति से अर्जित गुणों के अनुसार विवश होकर कर्म करना पड़ता है। अतः कोई भी एक क्षण के लिए भी बिना कर्म किये नहीं रह सकता है।

मानव जीवन असंख्य परीक्षाओ से घिरा होता है। हर पग पर परीक्षायें जीवन मार्ग में व्यवधान उत्पन्न करती रहती हैं। कभी साहस कभी धैर्य ,बुद्धि , नैतिकता ,चरित्र एवं कभी पराक्रम कि परीक्षा देनी पड़ती हैं। श्रेष्ठतम मानव वही है जो इन सभी व्यवधानों में सफलता प्राप्त करता हुआ अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है। यह तभी संभव है जब मनुष्य का सर्वांगीण विकास होगा। यह शिक्षा से ही संभव है क्योकि शिक्षा के माध्यम से ही मानव समाज का संचित ज्ञान शिशु, बाल, किशोर एवं युवा व्यक्तियों में संचालित होता है तथा यही वर्ग बड़ा होकर समर्थ और जागरूक नागरिक बनकर देश का नेतृत्व करता है।

प्रत्येक राष्ट्र को महान एवं विकसित बनाने के लिए सर्व प्रथम उसकी प्रमुख शक्ति अर्थात नागरिक शक्तियों को बौद्धिक एवं शारीरिक स्तर पर अत्यंत सुदृढ़ होना चाहिए। आज़ाद भारत को आधुनिक संसार में अपनी चुनौतियों एवं विकास के संदर्भ में आज महान लोगो कि आवश्यकता है। जैसा कि कहा जाता है की किसी महान राष्ट्र की जनशक्ति उसके पुरुष संवर्ग ही नहीं अपितु उसकी महिला शक्ति अधिक बलवती मानी जाती है।

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विद्यालय की सफलता

सेठ राजाराम लक्ष्मी नारायण कुक्कू बालिका इण्टर कॉलेज महाराजपुर कानपुर नगर प्रबंधक श्री विष्णु कुमार गुप्ता व अध्यक्ष श्री अनूप कुमार गुप्ता के नेतृत्व में विगत वर्षो से सफलता पूर्वक चल रही है। शिक्षण संस्था वर्ष 2011 से हिंदी माध्यम से चल रही है

और वर्ष 2017 से संस्था की संरक्षक श्री आनंद गुप्ता व रजत गुप्ता  के निर्णय से प्रबंधक व अध्यक्ष ने विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक व कक्षा 6 से 12 तक सरकार द्वारा अंग्रेजी माध्यम की भी मान्यता प्राप्त की है जो की विद्यालय प्रागण से 50 मीटर की दुरी पर अंग्रेजी माध्यम के भवन का निर्माण किया गया है। जिसमे कुशल शिक्षक एवं शिक्षिकाओं द्वारा अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा प्रदान की जा रही है।

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